जंगली सुअर के अवैध शिकार और मांस विक्रय मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार

चंदन जायसवाल

कसडोल/अर्जुनी। वन्यप्राणियों के अवैध शिकार एवं उनके मांस के अवैध व्यापार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन परिक्षेत्र अर्जुनी अंतर्गत ग्राम बिलारी में जंगली सुअर के अवैध शिकार और मांस विक्रय के मामले में वन विभाग की टीम ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार पंकज कुमार कमल के निर्देशन में वन्यजीव अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान एवं Zero Tolerance Policy के तहत यह कार्रवाई की गई।

मुखबिर की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम

जानकारी के अनुसार, 25 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:15 बजे वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बिलारी निवासी छब्बीलाल सारथी के निवास स्थान पर जंगली सुअर का अवैध रूप से रखा गया मांस विक्रय के लिए उपलब्ध है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और वन विभाग की संयुक्त टीम तत्काल ग्राम बिलारी पहुंची।

टीम ने मौके पर विधिवत तलाशी ली। इस दौरान मकान के समीप बाड़ी की मेढ़ के पास अजय सारथी को एक प्लास्टिक बोरी, तराजू, लोहे का कट्टा (मांस काटने का औजार) और लकड़ी के गुटके के साथ पकड़ा गया। प्लास्टिक बोरी की जांच करने पर उसमें जंगली सुअर का मांस बरामद हुआ।

कुत्ते की मदद से किया गया था शिकार

पूछताछ में अजय सारथी ने बताया कि उसके चाचा छब्बीलाल सारथी द्वारा कोनी-बेंचा डैम के समीप जंगल क्षेत्र में पालतू कुत्ते की सहायता से जंगली सुअर के बच्चे का अवैध शिकार किया गया था। इसके बाद दोनों ने मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर विक्रय किया।

जांच के दौरान मांस खरीदने वाले अन्य व्यक्तियों की जानकारी सामने आने पर वन विभाग ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

प्रकरण में छब्बीलाल सारथी और अजय सारथी सहित मांस खरीदने वाले 5 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

वन विभाग ने सभी आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9, 39, 44, 48(क), 50 एवं 51 के तहत P.O.R. क्रमांक 16428/25, दिनांक 25/08/2026 पंजीबद्ध किया है।

मौके से बरामद सामग्री का नियमानुसार पंचनामा एवं जप्तीनामा तैयार कर उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया।

न्यायालय के आदेश पर जेल दाखिल

सभी सात आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के बाद 26 अगस्त 2026 को जिला जेल बलौदाबाजार में दाखिल कराया गया।

वन विभाग द्वारा मामले में वन्यजीव अपराध से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

इन अधिकारियों-कर्मचारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी पार्थ शर्मा, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी थरगांव भगवत प्रसाद श्रीवास, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी भरत लाल साहू, वन परिसर रक्षक बिलारी संदीप माथुर एवं वन परिसर रक्षक पश्चिम अर्जुनी प्रवीण कुमार आदिले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यप्राणियों के अवैध शिकार, वन्यजीवों के अंगों एवं मांस के अवैध व्यापार तथा अन्य वन्यजीव अपराधों के खिलाफ Zero Tolerance Policy के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी वन्यजीव अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करने की अपील की है।

 

बलौदाबाजार/अर्जुनी। ग्राम बिलाड़ी में जंगली सुअर के अवैध शिकार और मांस विक्रय के मामले में वन विभाग ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वनमंडलाधिकारी पंकज कुमार कमल के निर्देशन में 25 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना पर टीम ने छब्बीलाल सारथी के घर के पास कार्रवाई की। मौके से अजय सारथी को जंगली सुअर के मांस, प्लास्टिक बोरी, तराजू और मांस काटने के औजार के साथ पकड़ा गया।

पूछताछ में सामने आया कि छब्बीलाल सारथी ने पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था। दोनों ने मांस काटकर बेचा था। जांच में मांस खरीदने वाले 5 अन्य लोगों की जानकारी मिलने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।

सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत P.O.R. क्रमांक 16428/25 दर्ज किया गया। बरामद सामग्री जब्त कर ली गई। न्यायालय के आदेश पर आरोपियों को 26 अगस्त 2026 को जिला जेल बलौदाबाजार भेज दिया गया।

कार्रवाई में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग ने वन्यजीव अपराधों के खिलाफ Zero Tolerance Policy के तहत कार्रवाई जारी रखने और नागरिकों से सूचना देने की अपील की है।

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