बारनवापारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस नहीं चली तो मरीज के परिजनों ने 1 किलोमीटर तक लगाया धक्का
चंदन जायसवाल,
कसडोल विकासखंड के बारनवापारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां भर्ती मरीज को रेफर करने के लिए तैयार की गई एंबुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुई। मजबूरी में मरीज के परिजनों को एंबुलेंस को करीब एक किलोमीटर तक धक्का लगाना पड़ा। इसके बाद दूसरी निजी गाड़ी की बैटरी की मदद से एंबुलेंस को चालू किए जाने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार बारनवापारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती एक मरीज को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया जाना था। इसके लिए एंबुलेंस तैयार की गई, लेकिन काफी प्रयास के बाद
भी वह स्टार्ट नहीं हुई। मरीज को अस्पताल पहुंचाने की जल्दबाजी के बीच परिजनों ने एंबुलेंस को धक्का देकर करीब एक किलोमीटर तक आगे बढ़ाया। बाद में दूसरी निजी गाड़ी की बैटरी निकालकर एंबुलेंस को चालू किया गया।
पहले से खराब थी तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं?
इस घटना के बाद पीएचसी की एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर बड़े अस्पताल तक पहुंचाने में एंबुलेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में यदि एंबुलेंस पहले से खराब थी तो मरीज को रेफर करने से पहले वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह बड़ा सवाल है।
प्रभारी अधिकारी बोले- खराब होने की जानकारी थी
बारनवापारा के प्रभारी अधिकारी राकेश प्रधान ने बताया कि एंबुलेंस खराब होने की जानकारी पहले से थी। इसे मरम्मत के लिए कसडोल भेजने की तैयारी की जा रही थी। अब सवाल यह है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों को एंबुलेंस की खराब स्थिति की जानकारी पहले से थी, तो मरीज को रेफर करने के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? घटना ने ग्रामीण क्षेत्र की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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